वो खुश है किसी और के साथ || Sad Shayri by Dastaan-e-lafz

वो खुश है मेरा दिल तोड़ के 
वो खुश है मुझसे मुँह मोड़ के 
उसका हसता चेहरा दिखता रहे 
बस यही है फ़रियाद 
इतना काफी है मेरे लिए 
कि वो खुश है किसी और के साथ.....

वो खुश है जब वो थमता है उसका हाथ
वो खुश है जब वो होता है उसके साथ
मैं तो रो रो के काट लेता हूँ रात
वो खुश है जब वो करती है उसके बारे में बात 

लगता है वो भूल गयी मेरे बारे में 
मुझे तो अभी भी सताती है उसकी याद 
इतना काफी है मेरे लिए 
कि वो खुश है किसी और के साथ..... 

वो खुश है जब वो ख्वाब है उसके बुनती
आजकल अपने से ज़्यादा बातें उसकी सुनती 
दोस्तों से ज़्यादा उसके साथ पल बिताती 
कल तक जो मेरा था 
वो प्यार आज किसी और पर लुटाती

मैं तो मर जाता बहोत पहले ही 
पर मुझको ज़िंदा रखती है बस यही बात 
कि आखिर वो खुश है किसी और के साथ.... 

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